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  • मोहित अपने पिताजी से अकेले में बात करने की कोशिश करता है ताकि वो अपना पक्ष अच्छे से प्रस्तुत कर सके और चुप चाप इस घटना के परिणाम से बच सके। मोहित यह भी मान सकता है कि, एक मर्द होने के नाते, उसके पिता ने इसी तरह की कोई घटनाओं का सामना किया होगा। मोहित इसी बात का फ़ायदा उठाकर साबित करना चाहता है की सुप्रिया ग़लत है और उसकी हरकत मामूली है। 

  • पापा :
    पापा : तुम भी न... तुम ऐसी लड़की के पास गए ही क्यों जिसे तुम्हारी बहन जानती हैं?
    इन सब से खुद निपटो। मेरे पास और भी बहुत काम है।
    द्तमीज़, थोड़ी शर्म बची हो तो जाओ रूचि से माफ़ी मांगो।
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